उत्तराखंड के चार धाम
पहला दिन
दिल्ली, जयपुर, कोटा, भोपाल, इंदौर, लखनऊ से शुभ प्रस्थान
दूसरा दिन
हरिद्वार आगमन, हर की पौड़ी गंगा आरती दर्शन (रात्रि विश्राम हरिद्वार)
तीसरा दिन
हरिद्वार से प्रस्थान (रात्रि विश्राम बड़कोट)
चौथा दिन
प्रातः जानकीचट्टी / बड़कोट से यात्रा प्रारंभ, लगभग 6 किलोमीटर पैदल यात्रा यमुनोत्री धाम दर्शन (रात्रि विश्राम बड़कोट)
पांचवां दिन
उत्तरकाशी के लिए प्रस्थान (रात्रि विश्राम उत्तरकाशी)
छठा दिन
प्रातः उत्तरकाशी से गंगोत्री प्रस्थान, गंगोत्री धाम दर्शन (रात्रि विश्राम उत्तरकाशी / रास्ते में)
सातवां दिन
गुप्तकाशी के लिए प्रस्थान (रात्रि विश्राम गुप्तकाशी)
आठवां दिन
प्रातः सोनप्रयाग / गौरीकुंड से केदारनाथ, घोड़ा / डंडी / पालकी द्वारा यात्रा केदारनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन (रात्रि विश्राम रामबाड़ा / गुप्तकाशी)
दसवां दिन
रामबाड़ा / गुप्तकाशी से प्रस्थान (रात्रि विश्राम गुप्तकाशी)
ग्यारहवां दिन
प्रातः जोशीमठ के लिए प्रस्थान, मार्ग में बद्रीनाथ के दर्शन (बद्रीनाथ में रात्रि विश्राम)
बारहवां दिन
ऋषिकेश के लिए प्रस्थान (रात्रि विश्राम ऋषिकेश)
तेरहवां दिन
हरिद्वार से वापसी हेतु प्रस्थान
चौदहवां दिन (आगमन)
निवास स्थान पर आगमन व यात्रा सम्पन्न
यात्रा विवरण
समावेश
भोजन व्यवस्था:
एक समय नाश्ता, दो समय चाय व दोनों समय शुद्ध देसी घी में निर्मित भोजन,
सोमवार एवं बुधवार, एक समय, होटल व्यवस्था अनुसार दिया जाएगा।
(पहले व अंतिम में सादा खिचड़ी का व्यवस्था किया जाएगा।)
नोट:
यमुनोत्री के लिए एवं केदारनाथ में पैदल रास्ता है। यात्री चाहे तो अपने खर्चे से घोड़ा, खच्चर, पालकी, डंडी इत्यादि बुकिंग की व्यवस्था कर सकते हैं।
आकस्मिक दुर्घटना की व्यवस्था की जिम्मेदारी कंपनी की नहीं होगी। यात्री स्वयं जिम्मेदार होंगे।
मौसम एवं परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
यात्रा प्रारंभ से 15 दिन पूर्व किसी कारणवश यात्रा रद्द होने पर राशि वापसी नहीं होगी।
अन्य नोट:
आधार कार्ड अपने पास अवश्य रखें। बॉर्डर क्रॉसिंग हेतु आवश्यक हो सकता है।
हरिद्वार में रात्रि विश्राम रहेगा।
सभी यात्रियों को देरी/समय/परिवर्तन की सूचना दी जाएगी।